विधि – स्नान करके शुद्ध वस्त्र पहिनकर उत्तरर्दिशाभिमुख यंत्र स्थापित कर उसकी पूजा-अर्चना करनी चाहिए। पश्चात् धवल आसन पर पूर्वाभिमुख बैठकर सफेद माला द्वारा १००० बार ऋद्धि मंत्र की आराधना कर मंत्र सिद्ध करना चाहिए।
ऋद्धि मंत्र - ॐ ह्रीँ अर्हँ णमो सिद्धायद...
सिद्धि मंत्र – ॐ नमो ह्रां ह्रीँ ह्रूं (ह्रां ?) ह्र: य क्ष श्रीं ह्रीँ...
Metal = Copper
Size = 4×4 Inches

Bhaktamar Stotra Yantra 4 | जल-जंतु भयमोचक यन्त्र
Bhaktamar Stotra Yantra 29 | सिंहासन प्रतिहार्य यन्त्र
Bhaktamar Stotra Yantra 16 | सर्व विजयदायक यन्त्र
Bhaktamar Stotra Yantra 1 | सर्वविघ्न विनाशक यन्त्र 

Reviews
There are no reviews yet.