विधि- पवित्र होकर शुद्ध वस्त्र धारण कर यंत्र स्थापित कर उसकी पूजा करें। मंगल कलश रखे, दीपक जलावे, पश्चात पूर्वाभिमुख बैठकर प्रतिदिन 108 बार 22वाँ काव्य ऋद्धि तथा मंत्र का स्मरण करना चाहिए।
ऋद्धि मंत्र - ॐ ह्रीँ अर्हँ आगास गामी...
सिद्धि मंत्र – ॐ नमो श्री वीरेहिं जृम्भय-जृम्भय मोहय-मोहय...
Metal = Copper
Size = 4×4 Inches

Bhaktamar Stotra Yantra 10 | कुकर विष निवारक यन्त्र
Bhaktamar Stotra Yantra 12 | हस्तीमद निवारक यन्त्र
Bhaktamar Stotra Yantra 11 | वांछापूरक यन्त्र 

Reviews
There are no reviews yet.