विधि- पवित्र होकर वस्त्र धारण कर स्फटिक मणि की माला द्वारा प्रतिदी तीनों काल 108 बार चौदवाँ काव्य, ऋद्धि तथा मंत्र की आराधना करे, दीपक जलवें, धूप प्रेक्षपण करें। गुग्गुल, कस्तूरी, केसर, कपूर, शिलारस, रत्नाज्जलि, अगर-तगर, धूप, घी आदि से प्रतिदिन होम करना चाहिए।
ऋद्धि मंत्र - ॐ ह्रीँ अर्हँ णमो विपुलं...
सिद्धि मंत्र – ॐ (ह्रीँ?) नमो भगवती गुणवती ...
Metal = Copper
Size = 4×4 Inches

Bhaktamar Stotra Yantra 1 | सर्वविघ्न विनाशक यन्त्र
Bhaktamar Stotra Yantra 10 | कुकर विष निवारक यन्त्र
Bhaktamar Stotra Yantra 12 | हस्तीमद निवारक यन्त्र
Bhaktamar Stotra Yantra 16 | सर्व विजयदायक यन्त्र 

Reviews
There are no reviews yet.